जय उज्जैन! जय महाकाल! जय दाल बाटी! -१

यहीं से घुमक्कड़ी यज्ञ में आहुतियाँ शुरू हो जाती हैं । पढ़ाई-लिखाई तो चलती ही रहती है, अब कॉलेज बंक करने की शुभ घड़ी आई है ।

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फ़िर एक बार हम रेलवे स्टेशन पहुँच गए और……

आप सब भी जानते होंगे कि रेलवे स्टेशन में कहीं भी चाहे वो सीढ़ियाँ हो या प्लेटफार्म आप किसी से ज़रा सा हटने को कह दें तो एहसास होता है दुनिया में कितने लोग आँख और कान की समस्याओं से जूझ रहे हैं  । हालाँकि देखने में सब बिल्कुल दुरूस्त दिखाई देते है । सारे लोग…

चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ -Hindi blog

कभी रिश्तदारों से मिलने, कभी क़ुदरत से रूबरू होने तो कभी घूमने फ़िरने वजह कोई भी हो भारतीय रेल का जिक्र आ ही जाता है । हर बार सफ़र में कुछ ऐसा ख़ास होता है जो यादों में हमेशा के लिए बस जाता है । कई बार रेल का सफ़र बहुत यादगार होता है और…