आनंदी और गोपाल- भाग २

यह दोनों ही अपनी-अपनी दुनिया के सेलेब्रिटी थे और इन दोनों की दुनिया में कोई तालमेल नहीं था। कैसी अजब विडम्बना थी यह कि इस विवाह से जहाँ आनंदी के मन में कोमलता बढ़ रही थी वहीँ गोपाल के मन में निर्ममता घर कर रही थी।

आनंदी और गोपाल- भाग १

नयी जवानी में कोई यह बीज डाल भर दे तो मन न जाने कितने मीठे-मीठे फलों तक जा पहुंचता है। गोपाल के मन में भी शादी के लड्डू फूटने लगे कि उसकी शादी ऐसी लड़की से होगी जो पढ़ी लिखी, ख़ूबसूरत और स्मार्ट शहरी होगी।

मेरे राज और सिमरन

तुमसे बढ़के दुनिया में ना देखा कोई और जुबान पर आज दिल की बात आ गयी ।
अगर कोई आशिक़ यह गीतअपनी महबूबा को नज़र कर दे तो उस महबूबा की ख़ुशी, नाज़ और शर्म का कोई किनारा आपको ढूंढें नहीं मिलेगा ।

देखो रूठा ना करो

सुबह आँख खुली और बिस्तर पे उन्हें ना पाकर आलस तुरंत बिस्तर से कूद पड़ा और फिर अगले ही पल मुझे रात को हुई अनबन याद आ गयी । हुहं ! होंगे अपने कंप्यूटर पे । ऐसा सोचके मुहं बनाके हमने करवट बदली और नये सिरे से सोने की कोशिश की । मगर बाग़ी दिल में अलग…

फ़िर एक बार हम रेलवे स्टेशन पहुँच गए और……

आप सब भी जानते होंगे कि रेलवे स्टेशन में कहीं भी चाहे वो सीढ़ियाँ हो या प्लेटफार्म आप किसी से ज़रा सा हटने को कह दें तो एहसास होता है दुनिया में कितने लोग आँख और कान की समस्याओं से जूझ रहे हैं  । हालाँकि देखने में सब बिल्कुल दुरूस्त दिखाई देते है । सारे लोग…

चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ चल छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ छैय्याँ -Hindi blog

कभी रिश्तदारों से मिलने, कभी क़ुदरत से रूबरू होने तो कभी घूमने फ़िरने वजह कोई भी हो भारतीय रेल का जिक्र आ ही जाता है । हर बार सफ़र में कुछ ऐसा ख़ास होता है जो यादों में हमेशा के लिए बस जाता है । कई बार रेल का सफ़र बहुत यादगार होता है और…

My first encounter with reality distortion-1

Steve Jobs had a phenomenal reality distortion field as shown in the documentaries made on him and his biography also claims this. While reading, watching, and thinking about Steve Jobs, I always paid more attention to his urge for perfection, his brilliance, his struggles, his travels, his family, and his relationships with his co-workers. I…

Sailing to a place where mind is free

It was not easy decision to write this blog. In greatest of the confusions, I wrote this piece. After procrastinating it for months, I, finally, could muster the courage to publish this blog.

I am scared to dance

All of a sudden, all the calmness vanished, when my little daughter exhibited the same trait “FEAR of public reactions”. I feel like I am spinning my wheels and going in circles? I am struggling to manage. Telling my kid to think positive and anticipating the momentum of negativity (Fear). Why am I so anxious?…

Age with grace in a youth obsessed culture

I made a trip to my parents place, recently. After a long time, I got a chance to see them closely and I was surprised to notice that they are growing old much faster. Presently, my in laws are here and they are growing old too. These all old people in my family belong to…

Writing for contest vs for self liberation

My blogging history I started blogging almost 5 months back. I wrote on various topics of my interest and with the appreciation, I got from my readers, my confidence kept on growing in my writing skill. In this short time, I somehow started feeling that I have capability to write on any given topic. After all,…