सेक्स को सेक्स ही रहने दो…

यदि प्रकृति ने किसी भी प्रजाति को सेक्स ज्ञान न दिया होता तो यह सृष्टि आगे ही न बढ़ी होती लेकिन प्रकृति ने मनुष्य के अतिरिक्त सभी प्रजातियों के लिए सेक्स और प्रजनन का साल में एक समय अन्तराल निर्धारित किया है ।

कल शहीद दिवस था

कल शहीद दिवस था । मेरा फेसबुक एकाउंट भी बाकी देशवासियों के फेसबुक एकाउंट की तरह भावभीनी श्रद्धांजलि के संदेशों से भर गया ।

खोया – पाया

जब से मैंने ब्लॉगिंग की दुनिया में कदम रखा है तब से इस दुनिया के एक रिवाज़ ने मुझे हर बार हैरान किया है । और वह रिवाज़ है – रोते बिलखते या नाग की तरह फुफकारते ब्लोग्स की पॉपुलैरिटी, जनप्रियता या मक़बूलियत । इस तरह के ब्लोग्स एक बहुत बड़े हुजूम को अपनी तरफ खींचते हैं । अगर…

लेख की गगरिया और कमेंट्स की कंकड़िया – हाय ! फोड़ डाली !

आज के समय में आधुनिक माध्यम (सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) ने हर व्यक्ति को इतना सक्षम बना दिया है कि वो जब चाहे अपने विचार एक बहुत बड़े समूह में साझा कर सकता है । बहुत से लोगों के लिए कम शब्दों में अपनी बात कह पाना संभव नहीं होता तो वो तरह तरह…

ओके मम्मा, नाउ ट्यून चेंज..कायिला ग्लास

धनुष के कोलावेरी कोलावेरी डी गाने में तब मेरे लिए बहुत ही रोमांच आ जाता है जब “ओके मम्मा, नाउ ट्यून चेंज..कायिला ग्लास, ओनली इंग्लिश” वाली पंक्ति आती है | अहा !, मन किलकारियाँ मारते हुए, हिरनी की तरह कुलाँचे भरते समय में सोलह साल पीछे चला जाता है | आज से सोलह साल पहले…

मैं आभार कहाँ से लाऊँ?

आज सुबह की ठंड में कुछ ठिठुरन के साथ सिहरन भी है, अनमने से ह्रदय में चुभते कुछ सवालों के दंश भी हैं। मन में अंतर्दव्न्द छिड़ा हुआ है । एक “क्यूँ” बन्दर की तरह उत्पात मचा कर हर डाली को झिंझोर रहा है और सारे फलों को जूठन कर फेंक रहा है । मन में एक उलझन…

भिक्षाम्देही भिक्षाम्देही

कल एक बालक देखा किसी ट्रेफिक सिग्नल पे । कितना मस्त था अपने आप में । उसे कोई आभास नहीं था खुदके उस सड़क पे होने का और दूसरों के गाड़ी में होने का । उसे कोई दुःख नहीं था,

My champions

I was chopping vegetables for dinner, when my dear hubby said “why so finely chopped veg? They will anyway get cooked.” Long back, in my hostel days, my roomie used to be on fast on every Monday. And hence to develop hunger immunity, she used to have Maggi on every Sunday around 11:40 PM. I…

Finally, I know why I blog.

I am a blogger and I find blogging pretty cool and amazing. Yesterday, I had a conversation with someone, let’s say ‘Ms. A’, in my neighborhood. I would like to present a small piece from that conversation. Ms. A – Now your kid has grown up and her school hours are extended, why don’t you…