रैगिंग के वो दिन

यह मुखिया लोग जो बड़े सरकार के सामने ‘हम वो हैं, जो दो और दो पांच बना दें’ ऐसी डींगें हांक कर आये थे, उनका हमारी एक गलती ने फ़ालूदा बना दिया था । और इसके लिए हमे माफ़ी मिलना नामुमकिन था ।

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हँस भी दो

अथ श्री महाभारत कथा , हाँ-हाँ महाभारत कथा ।
मैं समय हूँ । सास बहू के बीच संवेदनशील वार्ता का साक्षी समय ।

ओके मम्मा, नाउ ट्यून चेंज..कायिला ग्लास

धनुष के कोलावेरी कोलावेरी डी गाने में तब मेरे लिए बहुत ही रोमांच आ जाता है जब “ओके मम्मा, नाउ ट्यून चेंज..कायिला ग्लास, ओनली इंग्लिश” वाली पंक्ति आती है | अहा !, मन किलकारियाँ मारते हुए, हिरनी की तरह कुलाँचे भरते समय में सोलह साल पीछे चला जाता है | आज से सोलह साल पहले…