चरित्रहीन …६

उसकी तेज़ साँसों को महसूस करना, उसके नाजुक होंठों को घुलते हुए महसूस करना, उसकी धडकनों में अपना नाम सुनना और ….. ऐसा लगता था प्यार की दहकती हुई गरमी में पिघलकर ही दिल को ठंडक पड़ेगी ।

चरित्रहीन

कभी रुक्मिणी को बताया कि तेरा हृदय जब-तब कालिंदीकूल के कदम्ब पर टिकी अपनी राधे के पास चला जाता है ? उस वेदना की अनुभूति तो ज़रूर होती होगी जो तुम दोनों के अस्तित्व का पर्याय बन गयी । कभी रुक्मिणी से बात करते-करते उसे राधे कहने की भूल हुई ?

ताक़त की दुनिया….२

कितनी सज़ा? कितना बड़ा गुनाह था कि सज़ा और प्राश्यचित खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे ? अब बस, और नहीं ।

उलझने..बेसब्रियाँ

अगर यह एहसास इंसान के लिए इतने ज़रूरी ही हैं तो यह ऐसे ग़ैर-ज़रूरी क्यूँ लगते हैं ? डरावने क्यूँ लगते हैं ? किसके लिए अच्छी है हार ? किसको सुहाता है दुःख ?

आज़ाद कश्मीर !!! कर दें ?????

यदि जम्मू-कश्मीर का इतिहास देखें तो पता चलता है कि इस राज्य ने आज़ादी के समय भारत और पाकिस्तान दोनों की ही प्रभुता मानने से इन्कार कर दिया था ।

सेक्स को सेक्स ही रहने दो…

यदि प्रकृति ने किसी भी प्रजाति को सेक्स ज्ञान न दिया होता तो यह सृष्टि आगे ही न बढ़ी होती लेकिन प्रकृति ने मनुष्य के अतिरिक्त सभी प्रजातियों के लिए सेक्स और प्रजनन का साल में एक समय अन्तराल निर्धारित किया है ।

कल शहीद दिवस था

कल शहीद दिवस था । मेरा फेसबुक एकाउंट भी बाकी देशवासियों के फेसबुक एकाउंट की तरह भावभीनी श्रद्धांजलि के संदेशों से भर गया ।