गोपाल लौट आया

एक पल में उसने निर्णय तो कर लिया शहीद होने का मगर यह न समझ पाया कि शहादत जान ले ले तो आसान होती है कम से कम शहीद के लिए । लेकिन ऐसी शहादत जो जान भी न ले और जीने भी न दे वो भयावह होती है । शहीद का गुणगान होता है लेकिन जो जीता जगाता शहीद हो उसका क्या गुणगान ?