जय जय शिव शंकर

ओ जय जय शिव शंकर

काँटा लागे ना कंकड़

यह प्याला तेरे नाम का पिया ।

भगत सिंह की उम्मींदों की स्याही

कल गुरदास मान जी का नया म्यूजिक विडियो देखा । आधुनिक काल की विसंगतियों को संक्षिप्त तौर पे दर्शाते हुए बहुत ही ह्रदयस्पर्शी, मार्मिक और बेहतरीन विडियो बन पड़ा है ।

जंगली फूल

इस बार अपनी बेटी को लेकर अपने गावं गयी तो पहाड़ी रास्तों पर ठंडी हवा और खिली हुई धूप के साथ चलना बहुत सुकून दे रहा था दिल को । पहाड़ो को काटकर बनायीं गयी कच्ची सड़के गवाही दे रही थी

एक दिन जो यादगार बन गया

वैसे तो हर वो बात और एहसास जिसके साथ ‘पहला’ शब्द जुड़ जाये अपने आप में यादगार और अनोखा होता है । पहली मुलाक़ात, पहली मुस्कान, पहला इंटरव्यू, पहली नौकरी, पहली कमाई, पहली दोस्ती, पहली जुदाई और पहला प्यार ।

हॉस्टल और कॉलेज वाला वैलेंटाइन डे

एक ज़माना ऐसा भी था जब कोई हमारा दिल और हम उसके दिल की धड़कन हुआ करते थे मगर सबको जताना भी था कि हम इन इश्क़ के लफ़ड़ो में नहीं पड़ते । क्या कूल हैं हम !

खोया – पाया

जब से मैंने ब्लॉगिंग की दुनिया में कदम रखा है तब से इस दुनिया के एक रिवाज़ ने मुझे हर बार हैरान किया है । और वह रिवाज़ है – रोते बिलखते या नाग की तरह फुफकारते ब्लोग्स की पॉपुलैरिटी, जनप्रियता या मक़बूलियत । इस तरह के ब्लोग्स एक बहुत बड़े हुजूम को अपनी तरफ खींचते हैं । अगर…